UP TGT Sanskrit Question Paper Pdf Download

[su_accordion]अधोलिखित वाक्यों में एक वाक्य शुद्ध है[/su_accordion]
(A) रामाः दीनाय धनं ददन्ति
(B) रामादीनान् धनं ददन्ति
(C) रामाः दीनं धनं ददति
(D) रामाः दीनाय धनं ददति
[su_spoiler title=”Answer”] रामाः दीनाय धनं ददति
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[su_accordion]’शत्रवः स्वर्गम् अगच्छन्’ वाक्य का णिजन्त रूप होगा-[/su_accordion]
(A) शत्रवः स्वर्गम् अगमयत्
(B) शत्रून् स्वर्गम् अगमयत्
(C) शत्रून् स्वर्गम् अगच्छन्
(D) शत्रवे स्वर्गम् अगमयत्
[su_spoiler title=”Answer”] शत्रून् स्वर्गम् अगमयत्
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[su_accordion]’आसने उपविश्य प्रेक्षते’ वाक्य का दूसरा वाक्य-रूप है[/su_accordion]
(A) आसनं उपविश्य प्रेक्षते
(B) आसनं प्रेक्षते
(C) आसनात् प्रेक्षते
(D) आसने प्रेक्षते
[su_spoiler title=”Answer”]आसनात् प्रेक्षते
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[su_accordion]’रामेण बाणेनहतो बाली हतवान’ इस वाक्य का कर्तृवाच्य है[/su_accordion]
(A) रामः बाणेन बाली हतवान्
(B) रामेण बाणेन बाली हतः
(C) रामः बाणेन बाली हतवान्
(D) रामेण बाणेन बालिं हतवान्
[su_spoiler title=”Answer”]रामः बाणेन बाली हतवान्
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[su_accordion]”यन्नाट्यवस्तुनः पूर्व रङ्गविघ्रोपशान्तये। कुशीलवाः प्रकुर्वन्ति…..स उच्यते।।’ उपर्युक्त लक्षण में रिक्त स्थान का पूरक शब्द है[/su_accordion]
(A) सूत्रधारः
(B) पूर्वरङ्ग
(C) संस्थापकः
(D) रङ्गमंचः
[su_spoiler title=”Answer”]पूर्वरङ्ग
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[su_accordion]”शिरसि धृतसुरापगे स्मरारावरुणमुखेन्दुरुचिर्गिरीन्द्रपुत्री। अथ चरणयुागानते स्वकान्ते स्मितसरसा भवतोऽस्तु भूतिहेतुः।। उपर्युक्त श्लोक है[/su_accordion]
(A) ईश-स्तुति
(B) मंङ्गलाचरण
(C) पूर्वरङ्ग
(D) द्वादशपदा नान्दी
[su_spoiler title=”Answer”]मंङ्गलाचरण
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[su_accordion]रूपकों के भेदक तत्व हैं[/su_accordion]
(A) अङ्क, संवाद, रस
(B) वस्तु, नेता, रङ्गमञ्च
(C) रस, नेता, वस्तु
(D) रस,कथोपकथन, अङ्क
[su_spoiler title=”Answer”]रस, नेता, वस्तु
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[su_accordion]”तवास्मि गीतरागेण हारिणा प्रसभं ह्तः। एष राजेव दुष्यन्तः सारङ्गेणातिरंहरसा।। उपर्युक्त श्लोक किसका उदाहरण है[/su_accordion]
(A) नान्दी
(B) पताकास्थानक
(C) बिन्दु
(D) प्रस्तावना
[su_spoiler title=”Answer”] प्रस्तावना
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[su_accordion]आरम्भ, यत्न, प्राप्त्याशा, नियताप्ति और फलागम[/su_accordion]
(A) अर्थोपक्षेपक है
(B) अर्थप्रकृतियाँ हैं
(C) सन्धियाँ हैं
(D) अवस्थाएँ हैं
[su_spoiler title=”Answer”] अवस्थाएँ हैं
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[su_accordion]’दशकुमार चरितम्’ की कथा-वस्तु के विचार कहां से लिए गये हैं?[/su_accordion]
(A) ऋग्वेद
(B) छान्दोग्य उपनिषद्
(C) बृहत्कथा
(D) महाभारत
[su_spoiler title=”Answer”]महाभारत
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[su_accordion]’अभिज्ञान शाकुन्तलम्’ का दुष्यन्त नायक है[/su_accordion]
(A) धीर-प्रशान्त
(B) धीरोदात्त
(C) धीर-ललित
(D) धीरोद्धत
[su_spoiler title=”Answer”] धीरोदात्त
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[su_accordion]’करुण’ रस का स्थायी भाव है[/su_accordion]
(A) उत्साह
(B) क्रोध
(C) भय
(D) शोक
[su_spoiler title=”Answer”]शोक
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[su_accordion]अलंकार का भेद नहीं है[/su_accordion]
(A) शब्दालंकार
(B) वर्णालंकार
(C) अर्थालंकार
(D) उभयालंकार
[su_spoiler title=”Answer”]वर्णालंकार
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[su_accordion]गीता का कर्म-सिद्धांत क्या है?[/su_accordion]
(A) कर्म-त्याग
(B) अशुभ कर्म-त्याग
(C) अनासक्त कर्म
(D) साकांक्ष कर्म
[su_spoiler title=”Answer”]अनासक्त कर्म
अधोलिखितं गद्यांशं पठित्वा प्रश्नानामुत्तराणां
उपयुक्तविकल्पस्य चयनं कुरुत-
अस्माकं देशे षड् ऋतवः नवचेतनासञ्चारणाय समायान्ति। तत्रापि वर्षाकलं दृष्ट्वा सर्वे नन्दन्ति । अयं ग्रीष्मानन्तरं समायाति। वर्षाकाले आकाशे मेघाः आयान्ति। ते गर्जन्ति वर्षन्ति च सौदामिन्यः स्फुरन्ति। सर्वत्र जलं भवति। वर्षाकाले वर्षाजलैः स्नाता वसुन्धरा मोदते। सर्वत्र हरीतिमा विभाति। वर्षाकाले मण्डूकाः रमन्ति। मयूराः नृत्यन्ति। वृक्षाः पल्लविताः भवन्ति।
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[su_accordion]’षड्ऋतवः समायान्ति नवचेतनासञ्चारणाय अस्माकं देशे’ वाक्ये क्रियापदं किम्[/su_accordion]
(A) समायान्ति
(B) देशे
(C) षड्
(D) ऋतवः
[su_spoiler title=”Answer”]देशे
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[su_accordion]’ऋतवः’ इत्यत्र वचनं निर्धारयत्[/su_accordion]
(A) एकवचनम्
(B) बहुवचनम्
(C) द्विवचनम्
(D) लघुवचनम्
[su_spoiler title=”Answer”]एकवचनम्
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[su_accordion]’मोदते’ अत्र क : लकार:?[/su_accordion]
(A) लोट्लकारः
(B) लङ्लकारः
(C) लट्लकारः
(D) लृट्लकारः
[su_spoiler title=”Answer”] लृट्लकारः
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[su_accordion]’वर्षाजलैः’ अत्र ‘जल’ कस्य लिङ्गस्य द्योतक:?[/su_accordion]
(A) उभयलिंगस्य
(B) नपुंसकलिङ्गस्य
(C) स्त्रीलिङ्गस्य
(D) किमपि न
[su_spoiler title=”Answer”]स्त्रीलिङ्गस्य
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[su_accordion]’आकाशे’ इत्यस्य विलोमपदं लिखत।[/su_accordion]
(A) समीरे
(B) सनीरे
(C) गगने
(D) पाताले
[su_spoiler title=”Answer”]पाताले
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[su_accordion]’गर्जन्ति’ इति पद लङ् लकारे परिवर्तयत[/su_accordion]
(A) अगर्जन्
(B) अगर्जन
(C) अगर्जन्ति
(D) अगर्जत्
[su_spoiler title=”Answer”] अगर्जत्
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[su_accordion]’विभाति’ कस्मिन् लकारे वर्तते[/su_accordion]
(A) लोट्लकारे
(B) लट्लकारे
(C) लङ्लकारे
(D) लृट्लकारे
[su_spoiler title=”Answer”]लोट्लकारे
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[su_accordion]’अध्यापक छात्रों को पढ़ाता है।’ संस्कृतानुवादं कुरुत[/su_accordion]
(A) अध्यापकः छात्रान् पठति
(B) अध्यापक : छात्राणां पाठयति
(C) अध्यापक: छात्रान् पाठयति
(D) अध्यापक : छात्रं पाठयति
[su_spoiler title=”Answer”] अध्यापक : छात्राणां पाठयति
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[su_accordion]’स: मां पश्यति’ लट्लकारे वाच्यपरिवर्तनं कुरुत[/su_accordion]
(A) तेन मां पश्यते
(B) तया मां दृश्यते
(C) तेन अहं दृश्यते
(D) तेन अहं दृश्ये
[su_spoiler title=”Answer”]तेन अहं दृश्यते
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[su_accordion]सीता स्वादिष्टं फलं खादति। रेखाङ्कितपदे प्रश्नं रचयत।[/su_accordion]
(A) सीता कीदृशं फलं खादति?
(B) सीता कीदृशः फलं अखादत् ?
(C) सीता कथं फलं खादतिं?
(D) सीता केन फलं खादन् ?
[su_spoiler title=”Answer”]सीता केन फलं खादन् ?
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[su_accordion]शुद्धपदं चिनतु[/su_accordion]
(A) महर्षि पाणिनि संस्कृत व्याकरणस्य प्रणेता
(B) महर्षि पाणिनि व्याकरणं लिखितवती
(C) महर्षि पाणिनी संस्कृत व्याकरणं लिखितवती
(D) महर्षि पाणिनि संस्कृतेन व्याकरणेन प्रणेता
[su_spoiler title=”Answer”] महर्षि पाणिनी संस्कृत व्याकरणं लिखितवती
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