[su_accordion]विरामावस्था में रखा हुआ एक कण अचानक बराबर द्रव्यमान के दो भागों में विभाजित हो जाता है, जोकि चलने लगते हैं। कण के दोनों भाग[/su_accordion]
(A) समान वेग से एक ही दिशा में चलेंगे
(B) समान वेग से एक-दूसरे से विपरीत दिशा में चलेंगे
(C) अलग-अलग वेगों से किन्हीं भी दो दिशाओं में चलेंगे
(D) अलग-अलग वेगों से विपरीत दिशाओं में चलेंगे
[su_spoiler title=”Answer”]समान वेग से एक-दूसरे से विपरीत दिशा में चलेंगे
[/su_spoiler]
[su_accordion]सरल रेखा में गतिमान एक कण का वेग-समय ग्राफ निम्न चित्र में दर्शाया गया है। 4 सेकण्ड में कण द्वारा तय की गई दूरी होगी
फोटो[/su_accordion]
(A) 60 मी
(B) 55 मी
(C) 25 मी
(D) 30 मी
[su_spoiler title=”Answer”]55 मी
[/su_spoiler]
[su_accordion]यदि किसी ग्रह पर गुरुत्व के कारण गुरुत्वीय त्वरण का मान पृथ्वी के गुरुत्वीय त्वरण के मान का 1/9 हो, तो उस ग्रह पर किसी सरल लोलक के दोलनों की आवृत्ति होगी[/su_accordion]
(A) 1/9भाग
(B) 9 गुना
(C) 1/3भाग
(D) 3 गुना
[su_spoiler title=”Answer”]1/3भाग
[/su_spoiler]
[su_accordion]यदि पृथ्वी अचानक अपनी धुरी पर घूमना बन्द कर दे, तो पृथ्वी के ध्रुवों पर किसी वस्तु का भार होगा[/su_accordion]
(A) पहले भारों के बराबर
(B) पहले से ज्यादा
(C) पहले से कम
(D) अक्षांश के अनुसार बदलेगा
[su_spoiler title=”Answer”]पहले भारों के बराबर
[/su_spoiler]
[su_accordion]रेलगाड़ी के पथ को मोड़ों पर अन्दर की ओर कुछ ढलाव (Banked on curves) दे देते हैं, क्योंकि ऐसा करने पर[/su_accordion]
(A) घर्षण बल पैदा नहीं होता है
(B) रेलगाड़ी का भार कम हो जाता है
(C) पृथ्वी द्वारा लगाए गए प्रतिक्रिया बल के क्षैतिज घटक से आवश्यक अपकेन्द्रीय बल प्राप्त होता है।
(D) पृथ्वी द्वारा लगाए गए प्रतिक्रिया बल के क्षैतिज घटक से आवश्यक अभिकेन्द्रीय बल प्राप्त होता है
[su_spoiler title=”Answer”]पृथ्वी द्वारा लगाए गए प्रतिक्रिया बल के क्षैतिज घटक से आवश्यक अभिकेन्द्रीय बल प्राप्त होता है
[/su_spoiler]
[su_accordion]जब एक पिघली हुई धातु का ताप केल्विन तथा फारेनहाइट तापमापी द्वारा मापा जाता है, तो दोनों तापमापियों में बराबर ताप आता है। सेल्सियस तापमापी पर धातु के ताप का मान होगा[/su_accordion]
(A) 232°C
(B) 276°C
(C) 301.25°C
(D) 574.25°C
[su_spoiler title=”Answer”] 301.25°C
[/su_spoiler]
[su_accordion]जब प्रकाश की किरण काँच से वायु में जाती है, तो निम्न में से किस वर्ण के लिए क्रान्तिक कोण का मान न्यूनतम होगा?[/su_accordion]
(A) बैंगनी वर्ण
(B) हरा वर्ण
(C) पीला वर्ण
(D) लाल वर्ण
[su_spoiler title=”Answer”]बैंगनी वर्ण
[/su_spoiler]
[su_accordion]r त्रिज्या वाले वृत्त में घूमने वाली वस्तु पर लगने वाला बल F सदैव वस्तु के तात्क्षणिक वेग v के लम्बवत् होता है। एक चक्कर पूरा करने में बल F द्वारा वस्तु पर किया गया कार्य होगा[/su_accordion]
(A) शून्य
(B) F•v
(C) For
(D) F. 2πr
[su_spoiler title=”Answer”]शून्य
[/su_spoiler]
[su_accordion]दो छड़ चुम्बकों की लम्बाई, चौड़ाई और द्रव्यमान समान हैं। परन्तु चुम्बकीय आघूर्ण क्रमशः M और 2M हैं। इन्हें योग की स्थिति में दोलन चुम्बकत्वमापी में रखा जाता है, तो आवर्तकाल 3 सेकण्ड प्राप्त होता है। अन्तर की स्थिति में आवर्तकाल होगा[/su_accordion]
(A)√3 सेकण्ड
(B) 3√3 सेकण्ड
(C) 3 सेकण्ड
(D) 6 सेकण्ड
[su_spoiler title=”Answer”]3√3 सेकण्ड
[/su_spoiler]
[su_accordion]बाहरी चुम्बकीय प्रभाव से बचाने के लिए यन्त्रों के चारों तरफ किया जाना चाहिए[/su_accordion]
(A) काँच परिरक्षण
(B) लौह परिरक्षण
(C) रबर परिरक्षण
(D) ताम्र परिरक्षण
[su_spoiler title=”Answer”]लौह परिरक्षण
[/su_spoiler]
[su_accordion]यदि दो विद्युत बल्बों को, जिनके प्रतिरोधों का अनुपात 1:2 है, नियत विभव से समान्तर क्रम में जोड़ा जाए, तो उनके द्वारा क्षय होने वाली शक्तियों का अनुपात होगा[/su_accordion]
(A) 1:1
(B) 1:2
(C) 1:4
(D) 2 : 1
[su_spoiler title=”Answer”] 2 : 1
[/su_spoiler]
[su_accordion]यदि किसी इलेक्ट्रॉन को 1 वोल्ट विभवान्तर से त्वरित किया जाए, तो उसका वेग (लगभग) होगा[/su_accordion]
(A) 6 x 105 सेमी/से
(B) 6×105 मी/से
(C) 6X10-5 मी/से
(D) 4×10-5सेमी/से
[su_spoiler title=”Answer”]6X10-5 मी/से
[/su_spoiler]
[su_accordion]बोहर सिद्धान्त के अनुसार हाइड्रोजन परमाणु के प्रथम कक्ष की त्रिज्या 0.528 Å है। हाइड्रोजन परमाणु के चतुर्थ कक्ष की त्रिज्या होगी[/su_accordion]
(A)1.23 Å
(B) 225Å
(C)8.45 Å
(D) 898 Å
[su_spoiler title=”Answer”]8.45 Å
[/su_spoiler]
[su_accordion]20 सेमी की फोकस दूरी वाले एक समतलोत्तल लेन्स के समतल भाग को यदि कलई कर दिया जाए, तो वह एक अभिसारी दर्पण की तरह कार्य करेगा, जिसकी फोकस दूरी होगी (लेन्स का अपवर्तनांक =1.5)[/su_accordion]
(A) 20 सेमी
(B) 40 सेमी
(C) 30 सेमी
(D) 10 सेमी
[su_spoiler title=”Answer”]10 सेमी
[/su_spoiler]
[su_accordion]नाभिकीय संलयन प्रक्रिया के समय[/su_accordion]
(A) दो हल्के नाभिक संयुक्त होकर एक भारी नाभिक बनाते हैं साथ ही अन्य उत्पाद भी प्राप्त होते हैं
(B) एक भारी नाभिक पर तापीय न्यूट्रॉनों की बमबारी की जाती है
(C) एक हल्के नाभिक पर तापीय न्यूट्रॉनों की बमबारी की जाती है
(D) एक भारी नाभिक स्वयं ही दो खण्डों में विभाजित हो जाता है
[su_spoiler title=”Answer”]दो हल्के नाभिक संयुक्त होकर एक भारी नाभिक बनाते हैं साथ ही अन्य उत्पाद भी प्राप्त होते हैं
[/su_spoiler]
[su_accordion]निम्नलिखित में से कौन-सा एक सूचना का सर्वाधिक प्रभावी वाहक[/su_accordion]
(A) केबल
(B) सूक्ष्मतरंग
(C) रेडियो तरंग
(D) प्रकाशीय तन्तु (ऑप्टिकल फाइबर)
[su_spoiler title=”Answer”] प्रकाशीय तन्तु (ऑप्टिकल फाइबर)
[/su_spoiler]
[su_accordion]गतिमान इलेक्ट्रॉन की गति को निम्नलिखित में से कौन-सा एक प्रभावित नहीं करता?[/su_accordion]
(A) गति की दिशा में लगा विद्युत क्षेत्र
(B) गति की दिशा में लगा चुम्बकीय क्षेत्र
(C) गति की दिशा में लम्बवत् लगा विद्युत क्षेत्र
(D) गति की दिशा में लगा लम्बवत् चुम्बकीय क्षेत्र
[su_spoiler title=”Answer”]गति की दिशा में लगा विद्युत क्षेत्र
[/su_spoiler]
[su_accordion]एक सेकण्ड लोलक का आवर्तकाल (T) उसकी लम्बाई (I) के साथ कैसे परिवर्ती होता है?[/su_accordion]
(A) T∝ √I
(B) T ∝I√I2
(C) T∝I
(D) T, I पर निर्भर नहीं करता
[su_spoiler title=”Answer”]T∝ √I
[/su_spoiler]
[su_accordion]बन्द कमरे में एक मनुष्य जलते हुए कोयले के साथ सो जाता है। कुछ समय बाद वह मूर्छित हो जाता है, यह किसके कारण हुआ?[/su_accordion]
(A) कमरे में कार्बन डाइऑक्साइड का होना
(B) कोक
(C) रक्त में कार्बोक्सी हीमोग्लोबिन उपस्थित होने के कारण
(D) चारकोल
[su_spoiler title=”Answer”]रक्त में कार्बोक्सी हीमोग्लोबिन उपस्थित होने के कारण
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[su_accordion]ग्रेफाइट में विभिन्न पर्ते किसके द्वारा जुड़ी रहती हैं?[/su_accordion]
(A) सहसंयोजक बन्ध
(B) आयनिक बन्ध
(C) हाइड्रोजन बन्ध
(D) वाण्डरवाल्स बल
[su_spoiler title=”Answer”]वाण्डरवाल्स बल
[/su_spoiler]





