Class 7 Maths Chapter 10 Exercise 10.1 – प्रायोगिक ज्यामिति
NCERT Solutions for Class 7 Maths Chapter 10 Practical Geometry Ex 10.1 – जो विद्यार्थी 7वीं कक्षा में पढ़ रहे है उनके लिए यहां पर एनसीईआरटी कक्षा 7 गणित अध्याय 10. (प्रायोगिक ज्यामिति) प्रश्नावली 1.1 के लिए सलूशन दिया गया है. जोकि एक सरल भाषा में दिया है .ताकि विद्यार्थी को पढने में कोई दिक्कत न आए .इसकी मदद से आप अपनी परीक्षा में अछे अंक प्राप्त कर सकते है. इसलिए निचे आपको एनसीईआरटी समाधान कक्षा 7 गणित अध्याय 10 प्रायोगिक ज्यामिति प्रश्नावली 10.1 दिया गया है .
NCERT Solutions For Class 7th Maths प्रायोगिक ज्यामिति (प्रश्नावली 10.1)
[su_note note_color=”#fff502″ text_color=”#0d0d0d” radius=”13″]1. एक रेखा (मान लीजिए AB) खींचिए और इसके बाहर स्थित कोई बिंदु C लीजिए। केवल पैमाना (रूलर) और परकार का प्रयोग करते हुए, C से होकर AB के समांतर एक रेखा खींचिए।[/su_note]
[su_label type=”black”]हल : रचना के चरण :[/su_label]
चरण 1 : एक उपयुक्त लंबाई का रेखाखंड AB खींचिए और AB के बाहर एक बिंदु ‘C’ लीजिए।
चरण 2 : AB पर कोई बिंदु ‘D’ लीजिए और D को C से मिलाइए।
चरण 3 : D को केंद्र मानकर और एक सुविधाजनक त्रिज्या लेकर AB को E पर तथा DC को F पर काटती हुई एक चाप खींचिए।
चरण 4 : अब C को केंद्र मानकर और चरण 3 वाली ही त्रिज्या लेकर एक चाप GH खींचिए जो DC को I पर काटे।
चरण 5 : परकार का नुकीला सिरा E पर रखिए और इसे खोल कर इस प्रकार समायोजित कीजिए कि पेंसिल की नोक F पर रहे।
चरण 6 : I को केंद्र मानकर और परकार का खुलाव चरण 5 वाला ही रखते हुए, एक चाप खींचिए जो GH को J पर काटे।
चरण 7 : अब CJ को मिलाकर रेखा ‘l’ खींचिए।

ध्यान दीजिए कि : ∠CDE और ∠DCJ एकांतर अंतः कोण हैं। और ∠CDE = ∠DCJ
∴ l || AB
[su_note note_color=”#fff502″ text_color=”#0d0d0d” radius=”13″]2. एक रेखा l खींचिए और l पर स्थित किसी भी बिंदु पर l पर लंब खींचिए। इस लंब रेखा पर एक बिंदु x लीजिए जो l से 4 सेमी० की दूरी पर हो। x से होकर l के समांतर एक रेखा m खींचिए।[/su_note]
[su_label type=”black”]हल : रचना के चरण :[/su_label]
चरण 1 : एक रेखा ‘l’ और इस पर कोई बिंदु O लीजिए।
चरण 2 : O पर ∠AOB = 90° खींचिए।
चरण 3 : परकार के नुकीले सिरे को रूलर के चिह्न ‘0’ पर रखिए और खुलाव (शून्य) को इस प्रकार समायोजित कीजिए ताकि पेंसिल की नोक 4 सेमी० पर हो।
चरण 4: O को केंद्र मानकर और परकार का खुलाव चरण 3 वाला ही रखते हुए, एक चाप खींचिए जो किरण OB को X पर काटे।
चरण 5 : X पर रेखा ‘m’ लंब OBC खींचिए। अन्य शब्दों में ∠CXO = 90° खींचिए।

इस प्रकार, रेखा m रेखा l के समांतर है।
ध्यान दीजिए कि : ∠AOX और ∠CXO एकांतर कोण हैं।
और ∠AOX = ∠CXO (प्रत्येक = 90°).
∴ m || l.
टिप्पणी : हम तिर्यक रेखा OX और समांतर रेखाओं l और m से संबंधित तीन गुणों में से किसी एक गुण का प्रयोग करते हैं।
[su_note note_color=”#fff502″ text_color=”#0d0d0d” radius=”13″]3. मान लीजिए l एक रेखा है और P एक बिंदु है जो l पर स्थित नहीं है। P से होकर l के समांतर एक रेखा ‘m’ खींचिए। अब P को l के किसी बिंदु Q से जोड़िए। m पर कोई अन्य बिंदु R चुनिए। R से होकर, PQ के समांतर एक रेखा खींचिए। मान लीजिए यह रेखा l से बिंदु S पर मिलती है। समांतर रेखाओं के इन दोनों युग्मों से क्या आकृति बनती है?[/su_note]
[su_label type=”black”]हल : रचना के चरण :[/su_label]
चरण 1: एक रेखा ‘l’ ‘और ‘l’ के बाहर एक बिंदु ‘P’ लीजिए।
चरण 2 : l पर कोई बिंदु A लीजिए और P को A से मिलाइए।
चरण 3 : A को केंद्र मानकर और कोई सुविधाजनक त्रिज्या लेकर l को B पर और AP को C पर काटता हुआ एक चाप खींचिए।
चरण 4 : अब P को केंद्र मान कर और चरण 3 वाली ही त्रिज्या लेकर, PA को F पर काटता हुआ एक चाप DE खींचिए।
चरण 5 : परकार के नुकीले सिरे को B पर रखिए और इसे खोल कर इस प्रकार समायोजित कीजिए कि पेंसिल की नोक C पर रहे।
चरण 6 : F को केंद्र मानकर और परकार का खुलाव चरण 5 वाला ही रखते हुए, एक चाप खींचिए जो DE को G पर काटे।
चरण 7: अब PG को मिलाकर रेखा ‘m’ खींचिए।
ध्यान दीजिए कि : ∠PAB और ∠APG एकांतर अंतः कोण हैं और ∠PAB = ∠APG
∴ m || l.
चरण 8 : l पर कोई बिंदु Q लीजिए। PQ को मिलाइए।
चरण 9 : m पर कोई अन्य बिंदु R लीजिए।
चरण 10 : P को केंद्र मान कर और सुविधाजनक त्रिज्या लेकर, रेखा m को H पर और PQ को I पर काटती हुई एक चाप खींचिए।
चरण 11 : अब R को केंद्र मानकर और चरण 10 वाली त्रिज्या लेकर एक चाप JK खींचिए।
चरण 12 : परकार के नुकीले सिरे को H पर रखिए और खलाव को इस प्रकार समायोजित कीजिए कि पेंसिल की नोक I पर रहे।
चरण 13 : R को केंद्र मानकर और 4G/ परकार का खुलाव चरण 12 वाला ही रखते हुए, एक चाप खींचिए जो JK को L पर काटे।

चरण 14 : अब PQ के समांतर रेखा खींचने के लिए RL को मिलाइए। मान लीजिए यह ] को S पर मिलती है।
ध्यान दीजिए कि : ∠RPQ और ∠LRP एकांतर अंतः कोण हैं।
और ∠RPQ = ∠LRP
∴ RS || PQ.
अब हमारे पास है,
PR || QS
[∵ m || l और PR, m का एक भाग है और QS, रेखा l का एक भाग है।]
और PQ || RS
∴ POSR एक समांतर चतुर्भुज है।
सोचिए, चर्चा कीजिए और लिखिए
एक विद्यार्थी ने एक ऐसा त्रिभुज खींचने का प्रयत्न किया जिसकी रफ़ आकृति यहाँ दी गई है। पहले उसने OR खींचा। फिर उसने Q को केंद्र मानकर और 3 सेमी० त्रिज्या लेकर एक चाप खींची तथा R को केंद्र मानकर और 2 सेमी० त्रिज्या लेकर एक अन्य चाप खींची। परंतु वह P प्राप्त नहीं कर सका। इसका क्या कारण है ? इस प्रश्न से संबंधित त्रिभुज के किस गुण को आप जानते हैं ? क्या ऐसे त्रिभुज का अस्तित्व है ? (त्रिभुजों को इस गुण को याद कीजिए : किसी त्रिभुज की दो भुजाओं का योग सदैव तीसरी भुजा से बड़ा होता है।)
कारण : Q को केंद्र मानकर और 3 सेमी० त्रिज्या लेकर खींची गई चाप और R को केंद्र मानकर और 2 सेमी० त्रिज्या लेकर खींची गई चाप किसी बिंदु पर नहीं काटतीं। इसलिए विद्यार्थी प्रतिच्छेद बिंदु P नहीं प्राप्त कर सकते।
इस संबंध में हम त्रिभुज के इस गुण को याद करते हैं, “किसी त्रिभुज की दो भुजाओं का योग सदैव तीसरी भुजा से बड़ा होता है।” नहीं, ऐसी त्रिभुजों का कभी भी अस्तित्व नहीं होता।
दो भुजाओं का योग (3 + 2) सेमी० सदैव QR से कम रहता है।
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