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NIOS Class 10 Economics Chapter 9. मांग

NIOS Class 10 Arthashastra Chapter 9 Demand

NIOS Class 10 Economics Chapter 9. मांग

NIOS Class 10 Economics Chapter 9 मांग – आज हम आपको एनआईओएस कक्षा 10 अर्थशास्त्र पाठ 9 मांग के प्रश्न-उत्तर (Demand Question Answer) के बारे में बताने जा रहे है । जो विद्यार्थी 10th कक्षा में पढ़ रहे है उनके लिए यह प्रश्न उत्तर बहुत उपयोगी है. यहाँ एनआईओएस कक्षा 10 अर्थशास्त्र अध्याय 9 (मांग) का सलूशन दिया गया है. जिसकी मदद से आप अपनी परीक्षा में अछे अंक प्राप्त कर सकते है. इसलिए आप NIOS Class 10th Arthashastra 9 मांग के प्रश्न उत्तरों को ध्यान से पढिए ,यह आपकी परीक्षा के लिए फायदेमंद होंगे.

NIOS Class 10 Economics Chapter 9 Solution – मांग

प्रश्न 1. किसी वस्तु की व्यक्तिगत मांग को प्रभावित करने वाले किन्हीं चार कारकों के नाम लिखिये ।
उत्तर- वस्तु की कीमत संबंधित वस्तुओं की कीमत, क्रेता की आय, रुचि, वरीयता तथा फैशन आदि वस्तु की व्यक्ति मांग को प्रभावित करते हैं। व्यक्ति की मांग किसी भी कारक के सक्रिय होने पर कम / ज्यादा हो सकती है।

प्रश्न 2. यदि चीनी की कीमत में वृद्धि हो जाये, तो चाय की मांग पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
उत्तर- चाय और चीनी पूरक वस्तुएं हैं अतः चीनी की कीमत बढ़ने पर चाय की मांग कम हो जायेगी ।

प्रश्न 3. यदि पैप्सी की कीमत कम हो जाये तो कोक की मांग पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
उत्तर – पैप्सी और कोक स्थानापन्न वस्तुएं हैं अतः पैप्सी की कीमत कम होने पर कोक की मांग घट जाएगी।

प्रश्न 4. सामान्य वस्तुओं तथा निकृष्ट वस्तुओं में भेद कीजिये ।
उत्तर – आय वस्तु की मांग को प्रभावित करने वाला बड़ा कारक है। नतीजतन, आय में वृद्धि होने पर सामान्य वस्तुओं की मांग में वृद्धि होती है, जबकि क्रेता की आय में वृद्धि होने पर कमी होती है।

प्रश्न 5. ऐसी कम से कम पांच वस्तुओं की एक सूची बनाइये जो आजकल फैशन में हैं।
उत्तर- जीन्स, टॉप, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बाल पैन, मोबाइल फोन, डिजिटल डिवाइस आदि फैशन के लिए प्रचलन में हैं।

प्रश्न 1. मांग की परिभाषा लिखिये । व्यक्तिगत मांग तथा बाजार मांग में भेद कीजिये ।
उत्तर – जब कोई व्यक्ति किसी वस्तु की विभिन्न मात्राओं को किसी निश्चित अवधि में अलग-अलग कीमतों पर खरीदने को तैयार होता है, तो उसे मांग कहते हैं।

व्यक्तिगत मांग तथा बाजार मांग में भेद
व्यक्तिगत मांग
1. व्यक्तिगत मांग, एक क्रेता को दी गई कीमत पर निर्दिष्ट समय में किसी वस्तु को खरीदने की इच्छा होती है।
2. व्यक्तिगत मांग पर वस्तु की अपनी कीमत, संबंधित वस्तुओं की कीमत, उपभोक्ता की आय, रुचि एवं प्राथमिकताओं का प्रभाव पड़ता हैं।

बाजार मांग
1. बाजार मांग, दी गई कीमत पर दिये गये समय में बाजार में सभी व्यक्तिगत खरीदारों की कुल मात्रा है।

2. व्यक्तिगत मांग के निर्धारक तत्त्वों के अतिरिक्त, बाजार मांग पर जनसंख्या, राष्ट्रीय आय के वितरण, जलवायु एवं मौसम आदि का प्रभाव भी पड़ता है।

प्रश्न 2. व्यक्तिगत मांग के निर्धारकों की संक्षेप में व्याख्या कीजिये |
उत्तर – मांग के प्रमुख निर्धारक कारक इस प्रकार हैं-
1. वस्तु की कीमत – वस्तु की कीमत मांग को प्रभावित करती है। कम कीमत पर अधिक मांग तथा अधिक कीमत पर कम मांग की जाती है।

2. संबद्ध वस्तुओं की कीमतें – मांग पर भी प्रतिस्थानापन्न वस्तुओं (जैसे आवश्यकता की पूर्ति करने वाली वस्तुओं) की कीमत का प्रभाव पड़ता है। प्रतिस्थानापन्न वस्तु की कीमत गिरने पर व्यक्ति इसकी खरीद कम कर देता है। जबकि प्रतिस्थानापन्न वस्तु की कीमत बढ़ने पर उसकी मांग बढ़ती है। मांग और पूरी तरह से काम करने वाली वस्तुओं की कीमतें भी प्रभावित होती हैं। किसी वस्तु की सस्ती प्रतिस्थापन की मांग अधिक होती है और महंगी प्रतिस्थापन की मांग कम होती है। इसलिए, किसी वस्तु की मांग उससे जुड़ी वस्तुओं की कीमतों पर भी प्रभाव डालती है। इन प्रभावों से मांग में वृद्धि या कमी इस बात पर निर्भर करेगी कि संबंधित वस्तुएँ प्रतिपूरक या प्रतिस्थापन हैं।

3. परिवार की आय पारिवारिक आय भी मांग को प्रभावित करती है। यदि आय अधिक है, तब मांग अधिक होगी तथा आय कम होने पर मांग भी कम होगी।

4. रुचि और फैशन – रुचि तथा फैशन भी वस्तु की मांग को प्रभावित करते हैं। यदि किसी वस्तु में व्यक्ति की रुचि है अथवा उसका प्रचलन है, तो उस वस्तु की मांग भी अधिक होगी। यदि व्यक्ति की रुचि किसी वस्तु में नहीं है अथवा कम है, तब उसकी मांग कम होगी।

5. कीमत में परिवर्तन की आशा – कीमत बढ़ने की आशंका होने पर वस्तु की मांग बढ़ती है, जबकि कीमत गिरने की आशंका होने पर वस्तु की मांग घटती है।

प्रश्न 3. उन कारकों का उल्लेख कीजिये जो किसी वस्तु की बाजार मांग को प्रभावित करते हैं।
उत्तर – बाजार मांग को निर्धारित करने वाले निम्नलिखित महत्त्वपूर्ण तत्त्व या कारक हैं-
(i) बाजार में क्रेताओं की संख्या – ग्राहकों की संख्या बाजार मांग पर निर्भर करती है। बाजार में अधिक ग्राहक होंगे, तो अधिक मांग होगी। ठीक वैसे ही, अगर बाजार में खरीदारों की संख्या कम होगी, तो स्वाभाविक रूप से बाजार की मांग भी कम होगी। दूसरे शब्दों में, किसी वस्तु की बाजार मांग अधिक होगी जब बाजार में ग्राहक संख्या अधिक होगी।

(ii) आय और संपत्ति का वितरण – आय और संपत्ति की मांग दोनों पर निर्भर करती है। आय और संपत्ति के असमान वितरण के कारण समाज में विलासिता संबंधी वस्तुओं की मांग अधिक होगी, जबकि कम मूल्य वाले वस्तुओं की मांग भी अधिक होगी।

(iii) मौसम और पर्यावरण – बाजार मांग पर स्थानीय मौसम और परिस्थितियां बहुत प्रभावी हैं। उदाहरण के लिए, अत्यधिक सर्दी वाले क्षेत्रों में ऊनी कपड़ों की मांग अधिक होगी, जबकि दूसरे स्थानों में पंखे, कूलर और वातानुकूलित मशीनों की मांग अधिक होगी।

(iv) सरकारी नीतियाँ- कई सरकारें गरीब लोगों को कुछ सामान खरीदने में रियायत देती हैं। ऐसा करने से उत्पाद की मांग बढ़ती है। सरकारें अक्सर कुछ उत्पादों पर कर लगाकर उनके उपभोग को कम करती हैं। ऐसा करने से उत्पादों की मांग भी बढ़ती है ।

प्रश्न 4. एक काल्पनिक संख्यात्मक उदाहरण / अनुसूची द्वारा मांग के नियम का उल्लेख कीजिये तथा उसकी व्याख्या कीजिये |
उत्तर – मांग का नियम किसी वस्तु की मांग और कीमत के बीच विपरीत सम्बन्ध को बताता है। यह नियम कहता है कि अगर अन्य बातें (जैसे फैशन, रुचि, आदि) समान रहते हैं, तो एक वस्तु की कीमत बढ़ने पर उसकी मांग घटती है और कीमत कम होने पर उसकी मांग बढ़ती है। सारांश में, मांग का नियम कहता है कि अगर अन्य बातें समान रहती हैं, तो किसी विशिष्ट वस्तु की मांग बढ़ती है अगर उसकी कीमत कम होती है, और अगर कीमत बढ़ती है, तो उसकी मांग घटती है।

चावल की प्रति किलो कीमत और मांग उपर्युक्त तालिका में दिखाई देती है। मांग के नियम के अनुसार, कमी और मांग में विपरीत संबंध होता है परिणामस्वरूप, प्रस्तुत तालिका में चावलों की प्रति किलो मांग 100, 200, 300, 400 में वृद्धि होती है, जबकि चावलों की कीमतें 20, 19, 18, 17 में कम होती हैं. इससे स्पष्ट है कि, जब सब कुछ समान रहता है, तो वस्तु की मांग की मात्रा वस्तु की कीमतों में लगातार वृद्धि से प्रभावित होती है।

प्रश्न 5. मांग वक्र क्या होता है? एक काल्पनिक मांग अनुसूची की सहायता से एक व्यक्तिगत मांग वक्र बनाइये ।
उत्तर – मांग वक्र मांग अनुसूची का एक रेखाचित्र है। मांग वक्र कीमत और मांग के बीच संबंध दिखाता है, जबकि मांग अनुसूची इसी संबंध को रेखाचित्र में दिखाती है। यही कारण है कि मांग वक्र वस्तु की कीमत और वस्तु की मात्रा, जिसे ग्राहक खरीदना चाहता है, में संबंध को दिखाता है। मांग वक्र, मांग अनुसूची की तरह, दो प्रकार के होते हैं-
(क) व्यक्तिगत मांग वक्र
(ख) बाजार मांग वक्र
इस प्रकार मांग अनुसूची तथा मांग वक्र दोनों ही वस्तु की कीमत तथा मांग की मात्रा के बीच संबंध का वर्णन करते हैं। यद्यपि मांग अनुसूची इस संबंध को सारणी के रूप में तथा मांग वक्र इस अन्तर्सम्बन्ध को चित्र के रूप में प्रदर्शित करता है।

प्रश्न 6. मांग वक्र बायें से दायें नीचे की ओर ढालू क्यों होता है?
उत्तर – किसी वस्तु की कीमत तथा मांग में विपरीत संबंध होता है, अतः मांग वक्र बायें से दायें नीचे की ओर ढालू होता है। ऋणात्मक ढलान के लिए उत्तरदायी प्रमुख कारक इस प्रकार हैं-

1. ह्रासमान सीमांत उपयोगिता का नियम– ह्रासमान सीमांत उपयोगिता का नियम मांग का नियम बनाता है। इस नियम के अनुसार, अधिक इकाइयों का उपभोग करने से सीमांत उपयोगिता घटती जाती है। उदाहरण के लिए, भूखे व्यक्ति को पहली चपाती से सबसे अधिक खुशी मिलती है। दूसरी चपाती से और भी कम संतुष्टि मिलती है। इसलिए हर कोई कम कीमत पर अधिक मात्रा और अधिक कीमत पर कम मात्रा खरीदता है।

2. वास्तविक आय या आय प्रभाव – जब बाजार में विभिन्न वस्तुओं की कीमतें कम होती हैं, तो उपभोक्ताओं की क्रय शक्ति में वृद्धि होती है, यानी उनकी वास्तविक आय बढ़ती है. इससे वे अधिक मात्रा में सामान खरीद सकते हैं। इस प्रकार, मांग में कमी का प्रभाव आय प्रभाव कहलाता है। कुल मिलाकर, वस्तुओं की कीमतों में बदलाव से उनकी मांग की मात्रा और वास्तविक आय में बदलाव दिखाई देते हैं।

3. प्रतिस्थापन या स्थानापन्न प्रभाव – स्थानापन्न प्रभाव भी एक अन्य कारक है जो कीमत और मांग में विद्यमान विपरीत संबंध है। जब किसी वस्तु की कीमत बढ़ जाती है, ग्राहक उसकी जगह एक बेहतर विकल्प खरीदते हैं। उदाहरण के लिए, चाय की कीमत बढ़ने पर लोग चाय की जगह कॉफी खरीदेंगे। यह प्रतिस्थापन प्रभाव का परिणाम है, जो सस्ती वस्तु को महंगी वस्तु से अधिक खरीदता है।

4. क्रेताओं की संख्या में परिवर्तन– वस्तु की कीमत कम होने और मांग बढ़ने के दो कारण हो सकते हैं। पहले, कम कीमत वाली वस्तु को नए क्रेता खरीदते हैं। पुराने क्रेता भी द्वितीय कीमत में गिरावट से वस्तु खरीद सकते हैं। बाजार में क्रेताओं की प्रतिक्रिया भी वस्तु की कीमत से प्रभावित होती है।

प्रश्न 7. मांग के नियम के क्या कारण हैं?
उत्तर – मांग के नियम के कारण इस प्रकार हैं-
(क) कीमत और मांग में विपरीत संबंध
(ख) उपभोक्ताओं का व्यवहार एवं प्रतिक्रियाएं
(ग) संबंधित वस्तुओं की कीमतों में परिवर्तन
(घ) भविष्य सम्बन्धी अनिश्चितताएं ।

मांग के अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न उत्तर

प्रश्न 1. मांग के निर्धारक तत्त्वों के नाम लिखिए।
उत्तर – मांग के निर्धारक तत्त्व हैं-वस्तु की कीमत, अन्य वस्तुओं की कीमतें, आय, अभिरुचियाँ और फैशन |

प्रश्न 2. बाजार मांग क्या है?
उत्तर – बाजार मांग निश्चित कीमतों पर व्यक्तियों द्वारा मांगों का योगफल होती है।

प्रश्न 3. मांग का नियम क्या है?
उत्तर – मांग के नियम के अनुसार अन्य बातें स्थिर रहने पर किसी वस्तु की कीमत में कमी से उसकी अधिक मात्रा खरीदी जाएगी और कीमत वृद्धि के कारण मांगी जा रही मात्रा कम हो जाएगी।

प्रश्न 4. कीमतों में वृद्धि कब होती है?
उत्तर- जब किसी कीमत पर वस्तु की मांग उसकी आपूर्ति से अधिक होती है, तो कीमत बढ़ जाती है।

प्रश्न 5. कीमतों में गिरावट का क्या कारण है?
उत्तर- जब किसी कीमत पर वस्तु की आपूर्ति उसकी मांग से अधिक हो जाती है, तो कीमत कम हो जाती है।

प्रश्न 6. मांग से क्या तात्पर्य है ?
उत्तर – किसी समय विशेष पर किसी कीमत पर किसी वस्तु की खरीदी गई मात्रा को मांग कहते हैं।

प्रश्न 7. स्थानापन्न वस्तुओं तथा पूरक वस्तुओं में भेद कीजिए।
उत्तर- स्थानापन्न वस्तुएं – स्थानापन्न वस्तुएं सरलता से एक-दूसरे के स्थान पर प्रयोग की जा सकती हैं। चाय, कॉफी, पैप्सी, लैमन आदि उदाहरण हैं। पूरक वस्तुएं: किसी विशेष आवश्यकता को पूरा करने के लिए दोनों वस्तुएं मिलाकर पूरक वस्तुएं कहलाती हैं। उदाहरण – ब्रेड – मक्खन, चीनी दूध ।

प्रश्न 8. मांग और इच्छा में भेद कीजिए ।
उत्तर- इच्छा- किसी भी वस्तु को प्राप्त करने की हमारी लालसा या कामना इच्छा कहलाती है। मांग-मांग किसी वस्तु की वह मात्रा होती है, जिसे निश्चित कीमत पर निश्चित अवधि में उपभोक्ता खरीदने के लिए तैयार होता है।

प्रश्न 9 मांग के नियम की क्या मान्यताएं हैं?
उत्तर – मांग का नियम सिर्फ अन्य बातें समान रहने पर लागू होता है, नहीं तो वह काम नहीं करेगा। मांग के नियम की मान्यताओं या सीमाओं का अर्थ है कि वे किसी वस्तु की मांग की मात्रा पर उसकी कीमत में हो रहे बदलाव को सिर्फ तभी बता सकते हैं जबकि कीमत सहित अन्य कारक स्थिर रहें। मांग के नियम की प्रमुख मान्यताएं इस प्रकार हैं-
(क) उपभोक्ता की आय स्थिर होनी चाहिए ।
(ख) उपभोक्ता की रुचि तथा आय में कोई परिवर्तन न हो।
(ग) संबंधित वस्तुओं की कीमतें अपरिवर्तित रहें ।
(घ) उपभोक्ता को निकट भविष्य में वस्तु की कीमत में परिवर्तन होने की कोई आशंका न हो।

प्रश्न 10. किन परिस्थितियों में मांग का नियम लागू नहीं होता?
उत्तर- मांग का नियम कुछ विशेष परिस्थितियों में लागू नहीं होता, जिन्हें मांग के नियम के अपवाद भी कहा जा सकता है।
(क) गिफ्फन वस्तुएं- गिफ्फन वस्तुओं पर मांग का नियम लागू नहीं होता। घटिया प्रकार की वस्तुएँ गिफ्फन वस्तुएँ हैं। उदाहरण के लिए, गिफ्फन वस्तुओं के संपर्क में कीमत प्रभाव धनात्मक होता है क्योंकि निम्नस्तरीय ब्रेड की कीमतों में बदलाव का उपभोक्ताओं की आय पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।

(ख) दिखावे की वस्तुएँ – मांग का नियम प्रतिष्ठामूलक वस्तुओं जैसे हीरे-जवाहरात जैसी वस्तुओं पर लागू नहीं होता । अतः दिखावे की वस्तुओं की मांग ऊँची कीमत पर अधिक की जाती है तथा कीमतों में गिरावट होने पर धनी वर्ग ऐसी वस्तुओं को खरीदना पसंद नहीं करते।

(ग) अज्ञानता – जब कम कीमत वाली वस्तुओं की कीमत बढ़ जाती है, तो उपभोक्ता उसे कम मात्रा में खरीदते हैं क्योंकि वे उसे अच्छा समझते हैं।

प्रश्न 11. इनमें से मांग किसे कहते हैं?
(क) एक भिखारी की कार की इच्छा
(ख) एक विद्यार्थी की पैन की इच्छा
(ग) एक अमीर व्यक्ति की महंगी घड़ी खरीदने की इच्छा
उत्तर- (क) और (ग) मांग हैं।

प्रश्न 13. सही उत्तर पर चिह्न लगाएं।
(क) यदि खादी के कुर्तों का फैशन हो जाए तो उनकी मांग में वृद्धि होगी।
(ख) यदि टेलीविजन सेट की कीमत कम होने की आशा हो तो इसकी मांग बढ़ जाएगी।
(ग) आय बढ़ने पर सामान्य वस्तु की मांग में वृद्धि होगी ।
(घ) युद्ध की आशंका से आवश्यक वस्तुओं की मांग में वृद्धि होगी ।
उत्तर- (क), (ग) और (घ) सही हैं।

प्रश्न 14. सही उत्तर पर ( / ) चिह्न लगाएं-
(क) जनसंख्या वृद्धि के कारण किसी वस्तु की मांग में वृद्धि की आशा की जा सकती है।
(ख) आय के आबंटन का वस्तुओं की मांग पर कोई प्रभाव नहीं होता।
(ग) राजस्थान में बरसाती कोटों की मांग कम होने का कारण यही है कि वहां इनका फैशन नहीं है।
(घ) यदि सरकार किसी वस्तु का उपभोग बढ़ाना चाहती है तो उसे इस वस्तु पर दी जाने वाली आर्थिक सहायता बढ़ा देना चाहिए ।
उत्तर- (क) एवं (घ) सही हैं।

प्रश्न 15. सही उत्तर पर (/) चिह्न लगाएं-
(क) वस्तु की कीमत बढ़ने पर उसकी आपूर्ति कम हो जाती है।
(ख) श्रमिक की मजदूरी बढ़ने से प्याज की आपूर्ति कम हो जाएगी।
(ग) टमाटर की कीमत बढ़ने पर प्याज की आपूर्ति में भी वृद्धि होगी ।
उत्तर- (क ) X ; ( ख ) ✔ ( ग ) X

प्रश्न 17. सही कथनों पर ( / ) चिह्न लगाएं-
(क) जिस वस्तु पर विक्रय कर लगता है, उसकी कीमत में वृद्धि हो जाती है।
(ख) सीमा शुल्क में वृद्धि से आयातित वस्तु की बाजार कीमत में वृद्धि होगी।
(ग) उत्पादन शुल्क में वृद्धि से वस्तु सस्ती हो जाएगी ।
(घ) चीनी पर आर्थिक सहायता में कटौती से इसकी कीमतें बढ़ जाएंगी।
उत्तर – (1) (क), (ख) एवं (घ) सही हैं।

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