[su_accordion]
51. (Μ 0ε0)-1/2 का मान है। [/su_accordion]
⚪3 X 108 सेमी/सेकण्ड
⚪3 X 1010 सेमी/सेकण्ड
⚪3 X 109 सेमी/सेकण्ड
⚪3 X 108 किमी/सेकण्ड
[su_spoiler title=”Answer”]3 X 1010 सेमी/सेकण्ड[/su_spoiler][su_accordion]
52. एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र B में बल-रेखाओं के समान्तर एक इलेक्ट्रॉन (आवेश E) नियत वेग से चलता है। इलेक्ट्रॉन पर लगने वाला बल है। [/su_accordion]
⚪EvB
⚪Ev/B
⚪शून्य
⚪इनमे से कोई नहीं
[su_spoiler title=”Answer”]शून्य [/su_spoiler][su_accordion]
53. एक उत्तल तथा एक अवतल लेन्स जिनमें प्रत्येक की फोकस-दूरी 20 सेमी है सम्पर्क में रखकर लेन्स-संयोग बनाते हैं। इस संयोग को एक 5 सेमी ऊँची वस्तु को देखने के काम लाया जाता है जो संयोग से 20 सेमी दूरी पर है। वस्तु की तुलना में प्रतिबिम्ब होगा?[/su_accordion]
⚪आवर्धित तथा उल्टा
⚪छोटा तथा सीधा
⚪वस्तु के ही आकार का तथा सीधा
⚪वस्तु के ही आकार का परन्तु उल्टा
[su_spoiler title=”Answer”]वस्तु के ही आकार का तथा सीधा[/su_spoiler][su_accordion]
54. 1 PF धारिता का एक समान्तर-प्लेट वायु संधारित्र हैं। जब इसकी प्लेटों के बीच दूरी दोगुनी करके पूरे स्थान को मोम से भर देते हैं, तो धारिता बढ़कर 2pF हो जाती है। मोम का परावैद्युतक है। [/su_accordion]
⚪2
⚪4
⚪6
⚪8
[su_spoiler title=”Answer”]4[/su_spoiler][su_accordion]
55. एक आदर्श गैस के दाब P तथा इसके प्रति एकांक आयतन की माध्य गतिज ऊर्जा E में परस्पर सम्बन्ध है। [/su_accordion]
⚪P= ½ E
⚪P = E
⚪P=⅗ E
⚪P = ⅔ E
[su_spoiler title=”Answer”]P = ⅔ E[/su_spoiler][su_accordion]
56. किसी स्थान पर पृथ्वी के चुम्बकीय क्षेत्र के क्षैतिज तथा ऊध्र्वाधर घटक बराबर हैं। उस स्थान पर नति कोण का मान होगा? [/su_accordion]
⚪0°
⚪45°
⚪60°
⚪90°
[su_spoiler title=”Answer”]45°[/su_spoiler][su_accordion]
57. दो चुम्बकीय बल-रेखाएँ [/su_accordion]
⚪उदासीन बिन्दु पर एक-दूसरे की काटती हैं।
⚪उत्तरी या दक्षिणी ध्रुवों के निकट काटती हैं।
⚪एक-दूसरे को कभी नहीं काट सकती
⚪चुम्बक के मध्य में काटती हैं।
[su_spoiler title=”Answer”]एक-दूसरे को कभी नहीं काट सकती [/su_spoiler][su_accordion]
58. L भुजा के घन के केन्द्र बिन्दु पर एक आवेश + Q रखा है। घन के एक तल से निर्गत वैद्युत फ्लक्स है। [/su_accordion]
⚪Q/Ε0
⚪Q/6ε0
⚪6QL2/Ε0
⚪Q/6 L2 Ε0
[su_spoiler title=”Answer”]Q/6ε0[/su_spoiler][su_accordion]
59. निम्नलिखित कण एक ही वेग से गतिमान हैं। अधिकतम दी-ब्रोगली तरंगदैर्घ्य वाला कण है। [/su_accordion]
⚪Β – कण
⚪प्रोटॉन
⚪Α – कण
⚪न्यूट्रॉन
[su_spoiler title=”Answer”]β – कण [/su_spoiler][su_accordion]
60. 1.0 मीटर लम्बी काँच की एक नली जल से भरी है। नली की तली से जल धीरे-धीरे करके निकाला जा सकता है। यदि 500 साइकिल/सेकण्ड आवृत्ति का कम्पन करता एक स्वरित्र द्विभुज नली के ऊपरी सिरे पर लाया जाये तथा ध्वनि की। चाल 330 मीटर/सेकण्ड हो, तो नली में प्राप्त कुल अनुनादों की संख्या होगी? [/su_accordion]
⚪4
⚪3
⚪2
⚪1
[su_spoiler title=”Answer”]3 [/su_spoiler][su_accordion]
61. एक परिपथ में प्रतिरोध R के सिरों के बीच विभवान्तर 40 वोल्ट, प्रेरकत्व L के सिरों के बीच प्रेरित विभवान्तर 90 वोल्ट तथा धारिता C के सिरों के बीच विभवान्तर 60 वोल्ट है। परिपथ में प्रयुक्त स्रोत की वोल्टता है। [/su_accordion]
⚪50 वोल्ट
⚪70 वोल्ट
⚪110 वोल्ट
⚪190 वोल्ट
[su_spoiler title=”Answer”]50 वोल्ट[/su_spoiler][su_accordion]
62. एक संधारित्र की धारिता निर्भर नहीं करती है?[/su_accordion]
⚪प्लेटों की आकृति पर
⚪प्लेटों के आकार पर
⚪प्लेटों के आवेश पर
⚪प्लेटों के बीच अन्तराल पर
[su_spoiler title=”Answer”]प्लेटों के आवेश पर[/su_spoiler][su_accordion]
63. सम्पर्क में रखे दो पतले लेन्सों के संयोजन की फोकस-दूरी 40 सेमी है। यदि एक लेन्स की फोकस-दूरी 20 सेमी हो, तो दूसरे लेन्स की फोकस-दूरी होगी? [/su_accordion]
⚪- 20 सेमी
⚪- 40 सेमी
⚪60 सेमी
⚪40 सेमी
[su_spoiler title=”Answer”]- 40 सेमी[/su_spoiler][su_accordion]
64. प्रत्यावर्ती धारा का वर्ग-माध्य-मूल मान शिखर मान का [/su_accordion]
⚪दोगुना होता है।
⚪आधा होता है।
⚪1/√2 गुना होता है।
⚪√2 गुना होता है।
[su_spoiler title=”Answer”]1/√2 गुना होता है।[/su_spoiler][su_accordion]
65. उत्तेजित हाइड्रोजन परमाणु को आयनित करने के लिये आवश्यक ऊर्जा है। [/su_accordion]
⚪13.6 EV
⚪13.6 EV से अधिक
⚪3.4 EV
⚪3.4 EV अथवा कम
[su_spoiler title=”Answer”]3.4 EV अथवा कम[/su_spoiler][su_accordion]
66. एक आयन 4 X 10-2 वेबर/मीटर2 के एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र में 2 X 105 मीटर/सेकण्ड के वेग से क्षेत्र के लम्बवत् प्रवेश करता है। यदि आयन का विशिष्ट आवेश (Q/M) 5 X 107 कूलॉम/किग्रा हो, तो इसके वृत्तीय पथ की त्रिज्या होगी? [/su_accordion]
⚪0.10 मीटर
⚪0.40 मीटर
⚪0.20 मीटर
⚪0.25 मीटर
[su_spoiler title=”Answer”]0.10 मीटर[/su_spoiler][su_accordion]
67. शुद्ध जल तथा स्वच्छ काँच की प्लेट का स्पर्श-कोण हैं। [/su_accordion]
⚪0
⚪45°
⚪90°
⚪135°
[su_spoiler title=”Answer”]0[/su_spoiler][su_accordion]
68. 100 ΜF धारिता वाले संधारित्र को 100 वोल्ट तक आवेशित करने पर उसमें संचित ऊर्जा होगी?[/su_accordion]
⚪0.5 जूल
⚪5 जूल
⚪50 जूल
⚪100 जूल
[su_spoiler title=”Answer”]0.5 जूल[/su_spoiler][su_accordion]
69. किसी कैथोड पृष्ठ का कार्य-फलन 3.3 EV है। इस पृष्ठ से प्रकाश-इलेक्ट्रॉनों के उत्सर्जन के लिए आपतित प्रकाश की न्यूनतम आवृत्ति होगी?[/su_accordion]
⚪6.6 X 10-34 Hz
⚪0.5 X 10-34 Hz
⚪8 X 1014 Hz
⚪3.2 X 1015 Hz
[su_spoiler title=”Answer”]8 X 1014 Hz[/su_spoiler][su_accordion]
70. एक स्टील की टेप 20°C पर यथार्थतापूर्वक नापती है। यह लकड़ी की एक पत्ती की लम्बाई 0°C पर 25 सेमी नापती है। वास्तविक लम्बाई है।[/su_accordion]
⚪25 सेमी
⚪> 25 सेमी
⚪< 25 सेमी
⚪उपरोक्त में से कोई नहीं
[su_spoiler title="Answer"]< 25 सेमी[/su_spoiler][su_accordion]
71. किसी परमाणु का परमाणु-क्रमांक प्रदर्शित करता है। [/su_accordion]
⚪परमाणु के नाभिक में प्रोटॉनों की संख्या
⚪नाभिक में न्यूट्रॉनों की संख्या
⚪दोनों की कुल संख्या
⚪उपरोक्त में से कोई नहीं
[su_spoiler title="Answer"]परमाणु के नाभिक में प्रोटॉनों की संख्या[/su_spoiler][su_accordion]
72. विभिन्न द्रव्यमानों के दो कण, जो प्रारम्भ में विरामावस्था में हैं, पारस्परिक गुरुत्वाकर्षण के अन्तर्गत एक-दूसरे की ओर चलना प्रारम्भ करते हैं। किसी क्षण, जब कणों की चालें V तथा 2v हैं, द्रव्यमान-केन्द्र की चाल है। [/su_accordion]
⚪शून्य
⚪V
⚪1.5v
⚪3 V
[su_spoiler title="Answer"]शून्य[/su_spoiler][su_accordion]
73. यदि + 1 ΜC तथा + 5 ΜC के दो आवेशित कण 10 सेमी की दूरी पर रखे हों, तो उन पर लगने वाले बलों का अनुपात होगा।[/su_accordion]
⚪10 : 1
⚪2 : 1
⚪1 : 5
⚪1 : 1
[su_spoiler title="Answer"]1 : 1[/su_spoiler][su_accordion]
74. जब सूक्ष्मदर्शी की नली की लम्बाई बढ़ा दी जाती है, तो इसकी आवर्धन-क्षमता [/su_accordion]
⚪कम हो जाती है।
⚪बढ़ जाती है।
⚪बदलती नहीं है।
⚪उपरोक्त में से कोई नहीं
[su_spoiler title="Answer"]कम हो जाती है।[/su_spoiler][su_accordion]
75. समान द्रव्यमान तथा समान त्रिज्या वाली वलय, डिस्क, ठोस गोले तथा गोलीय कोश में, केन्द्र से गुजरने वाली अक्ष के परित सबसे अधिक जड़त्व-आघूर्ण है। [/su_accordion]
⚪वलय का
⚪डिस्क का
⚪ठोस गोले का
⚪गोलीय कोश का
[su_spoiler title="Answer"]वलय का[/su_spoiler]
Thank you sir